एक नीम का पेड़ जिसके नीचे मेरा बचपन खेला था, जिसके नीचे मैंने पहली बार बोला था, जिसके नीचे मैं पहली बार चला था, जो मेरे सुख दुःख का दर्पण था, वो अब मेरे घर के सामने नहीं..... क्योकि वो निर्लज्ज पेड़, सबके घर की शोभा बीगाड़ती थी जीव
Those people who are now marginalized… Let us remember those people who are pillars of our society.